मिलेगी मिलेगी मंज़िल चलके कहीं दूर
आए है चले जाने को, आए है चले जाएँगे दूर मज़बूर

मिलेगी मिलेगी

कैसी है ये दुनिया प्यार का नाम निसान नहीं
नादान दुनिया वाले देखो यहाँ पे कोई ईमान नहीं
अकेले ढूँढते
सवेरा सवेरा, सवेरा सवेरा आएगा चलके दो कदम
फ़ासले घट जाएगे, हॉंसले भढ़ जाएगे चलके दो कदम

मिलेगी मिलेगी

चलते दुनिया वाले सारे रह मगर अंजान कहीं
मैं हूँ दीवाना मेरी दीवानगी में नाम सही
अकेले ढूँढ ने

मोहब्बत मोहब्बत
मोहब्बत मोहब्बत मिलेगी चलके कहीं दूर
साथी से मिल जाएँगे, बहारे फिर खिल जाएँगे
छलके दो कदम

मिलेगी मिलेगी


Lyrics submitted by parth

Milegi Milegi Manzil Lyrics as written by Syed Aslam Noor Lucky Ali

Lyrics © Sony/ATV Music Publishing LLC

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Milegi Milegi Manzil song meanings
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