यह जवानी जवानी उस पे आई परेशानी
अपनी मत मारी, मत मारी, हर तरफ ना आमदनी
यह ज़मीन है, आसमान है
और बीच में हैं हम
मारे मारे है रे है रे
मारे मारे है रे है

ह्म ना जानू क्या मानू
किस किस को पहचानू
यह भी जानू वो भी जानू
अब में ना किसी को मानू
यह ज़मीन है, आसमान है

और बीच में हैं हम
मारे मारे है रे है रे
मारे मारे है रे है रे

भटक रहे हैं, के मंज़िल है कहीं
ढूंड रहे हैं, एक नयी ज़िंदगी
सब को मिले, सब मिले, और हो ना कमी
यह बेक़ारारी, क़ारारी, यह बेक़ारारी
यह तन्हाई, है आई
उस पे आई यह जुदाई
यह ज़मीन है, आसमान है
और बीच में हैं हम
मारे मारे है रे है रे
मारे मारे है रे है रे
किस से मिले हम, कोई अपना नहीं
हैं फरियादें, तो क्या करे कोई
अब से से कर घम पिए जाते हैं
यह ज़माना, ज़माना, ना पहचाना
अब क्या जताना, पछताना
सब को है भूल जाना
यह ज़मीन है, आसमान है
और बीच में हैं हम
मारे मारे है रे है रे
मारे मारे है रे है


Lyrics submitted by parth

Yeh Zameen Hai, Aasmaan Hai Lyrics as written by Syed Aslam Noor Lucky Ali

Lyrics © Sony/ATV Music Publishing LLC

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Yeh Zameen Hai, Aasman Hai song meanings
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